Nafrat Shayari: जिंदगी में हर रिश्ता हमेशा अच्छा नहीं रहता। कभी-कभी धोखा, दर्द और गलतफहमियां दिल में नफरत पैदा कर देती हैं। ऐसे में Nafrat Shayari हमारे अंदर छिपे गुस्से और जज़्बातों को शब्दों में बयां करने का एक आसान तरीका बन जाती है।
Nafrat Shayari

नफरत की आग जो तुमने इस
दिल में लगाई है
तुमसे ही नही मोहब्बत से भी
हमें शिकायत हुई है!!

नफ़रत है उस लम्हे से,
जब तुम याद आते हो।

ना कोई शिकवा ना कोई ग़म,
अब जैसी दुनिया वैसे हम।

जब वो शख़्स दिल से ही उतर गया,
तो फिर क्यों सोचें कि किधर गया।

हमें बरबाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बरबाद हो जाओगे।

कोई तो हाल-ए-दिल अपना भी समझेगा,
हर शख्स को नफरत हो जरुरी तो नहीं !

भूल जाऊं कुछ भी मगर,
लिखना नहीं भूलता,
नफ़रत भी कर लूं तुझसे कितनी भी
तुझे याद करना नहीं भूलता।

ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा,
मैं खुद तन्हा रहा पर दिल को तन्हा नहीं रखा,
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज रखे हैं,
तुम्हारी नफरतों की पीड़ा को जिंदा नहीं रखा !

किसी को नींद आती है
मगर ख्वाबों से नफरत है,
किसी को ख्वाब प्यारे हैं
मगर वो सो नहीं पाता।

मिलो एक बार को तुम,
शिद्दत से एक बात करनी है,
तुझ से गले लग कर तेरी ही
शिकायतें हजार करनी है।
Nafrat Shayari Status
कुछ हदसे से इंसान को इतना
खामोश कर देता है
कि फिर जरूरी बात कहने
का भी दिल नहीं करता!
बात नहीं करती तो क्या
हुआ याद तो करती होगी!
ख्वाहिश तो सब खत्म हो गई,
जो बाकी है वह जिम्मेदारी है बस!
हमें नहीं कुबूल आपका
किसी और से रिश्ता
आप नफरत भी कीजिये
तो बस हमीं से कीजिये।
कत्ल तो लाजिम है…
इस बेवफा शहर में
जिसे देखो दिल में नफरत लिये
फिरता है।
पूरी दुनिया नफरतों की आग में
जल रही है,
फिर भी ना जाने क्यों लोगों
को ठंड लग रही है..!
हमें नफ़रत पसंद है,
लेकिन दिखावे का प्यार नहीं..!
हमें बर्बाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बर्बाद हो जाओगे..!
प्यार करना सिखा है नफरतो
की कोई जगह नहीं,
बस तु ही तु है इस दिल मे दूसरा
कोई और नही..!
नफ़रत पर शायरी
ज्यादा कुछ नहीं बदला उनके और मेरे बीच में,
पहले नफरत नहीं थी अब मोहब्बत नहीं हैं..!
वो वक़्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरज़ू थी,
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सज़दा न करूँ..!
लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है..!
उसने मुझ से नफरत मरते,
दम तक करने की कसम खा ली है,
और मैंने भी उसे प्यार मरते,
दम तक करने की कसम खा ली है..!
प्यार करता हूँ इसलिए फ़िक्र करता हूँ,
जो नफ़रत करता तो तेरा जिक्र तक न करता..!
कैसे उन्हें भुलाऊँ मोहब्बत जिन्हों ने की,
मुझ को तो वो भी याद हैं नफ़रत जिन्हों ने की..!
मैं काबिले नफरत हूँ,
तो छोड़ दे मुझको,
तू मुझसे यूँ दिखावे की मोहब्बत
न किया कर..!
तुम नफरत का धरना कयामत
तक जारी रखो,
मैं प्यार का इस्तीफा जिंदगी भर
नहीं दूंगा..!
क़त्ल तो लाजिम है इस बेवफा शहर में,
जिसे देखो दिल में नफरत लिये फिरता है..!
गरीबी से नफ़रत तो है
मगर बदलने की चाह नही,
मौजूद हजारों रास्ते हैं,
मगर कहते हैं राह नही।
Nafrat Shayari 2 Line
एक नफ़रत ही है जिसे
दुनिया चंद लम्हों में जान लेती है,
वरना चाहत का तो यकीन
दिलाने में तो जिंदगी बीत जाती है।
इंसान बड़ा खुदगर्ज है,
पसंद करे तो बुराई नही देखता,
नफ़रत करे तो अच्छाई नही देखता!
नफ़रत करने वाले भी
गजब का प्यार करते हैं मुझसे,
जब भी मिलते हैं,
कहते हैं तुझे छोड़ेंगे नही।
मोहब्बत से फुरसत
नहीं मिली वरना,
कर के बताते की
नफ़रत किसे कहते हैं।
मुझे नफ़रत पसंद है
मगर दिखावे का प्यार नही।
हम तो बुरे हैं साफ कहते हैं,
पर तुम जैसों से तो,
ऊपरवाला बचाए।
मैं खुश हूं की उसकी नफ़रत
का अकेला वारिस हूं,
वरना मोहब्बत तो उसे कई
लोगों से है।
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ,
नफरत करूंगा तो जिक्र भी नही करूंगा।
पता नही क्यों प्यार से
नफ़रत हो गई है,
पर जिससे प्यार हुआ उससे
आज तक नफ़रत नही हुई.
मारना ही था तो कुछ और
हथियार इस्तेमाल किया होता,
यूं नफरतों के हथियार से मार कर
जिंदगी भर के लिए खामोश कर दिया।
Nafrat Shayari in Hindi
नफ़रत बता देती है,
मोहब्बत कितने कमाल की थी।
कुछ अजीब सा रिश्ता है,
उसके और मेरे दरमियां,
न नफ़रत की वजह मिल रही,
न मोहब्बत का सिला..!!
हंसती खेलती जिंदगी
वीरान लगने लगती है,
जब भरोसा कोई एक तोड़ता है,
और नफ़रत सबसे होने लगती है।
कुछ दगाबाज़ी हम भी तेरे
ऐतबार से करेंगे,
तुझसे नफ़रत भी जालिम
बड़े प्यार से करेंगे।
कोई पूछे अगर तुमसे मेरी कहानी,
कह देना, नफ़रत के भी काबिल नही था.!
नफ़रत मत करना हमसे
हमें बुरा लगेगा,
प्यार से कह देना
तेरी जरुरत नहीं है।
बेहद गुस्सा करते हो आजकल,
नफ़रत करने लगे हो, या
मोहब्बत ज्यादा हो गई।
हज़ारों से बात बिगड़ी,
जब तुझे अपनाया था,
लेकिन तू भी वही निकला,
जो लोगों ने बताया था.!
लेकर मेरा नाम
वो मुझे कोसता है,
नफ़रत ही सही,
पर वो मुझे सोचता तो है!
तुम से रिश्ता अब कुछ ऐसा है,
ना नफ़रत है, ना इश्क़ पहले जैसा है।
