Sad Shayari for Boys

Sad Shayari for Boys

Sad Shayari for Boys: हर लड़के के दिल में भी भावनाएं होती हैं, लेकिन अक्सर वे अपने जज़्बात खुलकर जाहिर नहीं कर पाते। जब दिल टूटता है या कोई अपना दूर हो जाता है, तो दर्द अंदर ही अंदर रह जाता है। ऐसे में Sad Shayari for Boys दिल की बात कहने का एक आसान और सच्चा तरीका बन जाती है।

Sad Shayari for Boys

Sad Shayari for Boys

ख़ामोश चेहरे पर हज़ारों पहरे होते हैं,
हंसती आँखों में भी ज़ख्म गहरे होते हैं।

Sad Shayari for Boys in Hindi

लौट आती हैं वो तारीखें,
मगर वो दिन लौट कर नहीं आते।।

2 Line Sad Shayari for Boys

ग़म बहुत हैं,, खुलासा कौन करे..
मुस्कुरा देता हूं यूं ही, तमाशा कौन करे।।

 Sad Shayari for Boys on Life

एक अजीब सी जंग है मुझमें,
कोई मुझसे ही तंग है मुझमें.!!

Sad Shayari for Boys Attitude

तू नही तो तेरी यादें ही सही,
दर्द में भी एक सुकून सा मिलता है।

Sad Shayari for Boys

मेरी ज़िंदगी में एक शख़्स इतना अहम हो गया,
उसे हमसे मोहब्बत है हमें यह वहम हो गया।।

Sad Shayari for Boys in Hindi

तुम पर भी यकीन है और
मौत पर भी ऐतबार है,
देखते हैं पहले कौन मिलता है
हमें दोनों का ही इंतजार है..!

हमेशा याद रहेगा ये दौर हमको,
क्या खूब तरसे ज़िंदगी में एक शख़्स के लिए।

थका हुआ हूँ थोड़ा,
ज़िंदगी भी थोड़ी नाराज़ है,
पर कोई बात नहीं,
ये तो रोज़ की बात है!

सबकी अपनी अपनी कहानियां होती हैं,,
किसी की पूरी… किसी की अधूरी…

Sad Shayari for Boys Attitude

इंसान तारों को तब देखता है
जब ज़मी पर कुछ खो देता है।

बदल जाते हैं वह लोग वक्त की तरह,
जिन्हे हद से ज्यादा वक्त दिया जाता है..!

आज उसने दर्द दिया तो
याद आया हां हमने भी
दुआओं में उसके तमाम
दर्द मांगें थे.!

मैं तबाह हूं तेरे इश्क़ में,
तुझे दूसरे का ख्याल है।
कुछ मेरे मसले पर भी गौर दे,
मेरी तो ज़िंदगी का सवाल है।

कुछ अजीब सा चल रहा है,
ये वक्त का सफर,
एक गहरी सी खामोशी है
खुद के ही अंदर !!

आज परेशान हूँ तो कल सुकून भी आयेगा,
खुदा तो मेरा भी है आख़िर कब तक सताएगा।

कल भी मुसाफ़िर था,
आज भी मुसाफ़िर हूं,
कल अपनो की तलाश में था,
आज अपनी तलाश में हूं।

इतने बुरे तो नही थे हम,
जितना इल्ज़ाम लगाया लोगों ने,
कुछ किस्मत खराब थी,
कुछ आग लगाई लोगों ने।

मेरी कोशिश हमेशा से ही
नाकाम रही,
पहले तुझे पाने की अब तुझे
भुलाने की..!

सबकी अपनी अपनी कहानियां होती हैं,,
किसी की पूरी… किसी की अधूरी..

थका हुआ हूँ थोड़ा,
ज़िंदगी भी थोड़ी नाराज़ है,
पर कोई बात नहीं,
ये तो रोज़ की बात है!

Sad Shayari for Boys on Life

तुम पर भी यकीन है और
मौत पर भी ऐतबार है,
देखते हैं पहले कौन मिलता है
हमें दोनों का ही इंतजार है..!

मेरी ज़िंदगी में एक शख़्स इतना अहम हो गया,
उसे हमसे मोहब्बत है हमें यह वहम हो गया।।

तू नही तो तेरी यादें ही सही,
दर्द में भी एक सुकून सा मिलता है।

एक अजीब सी जंग है मुझमें,
कोई मुझसे ही तंग है मुझमें.!!

लौट आती हैं वो तारीखें,
मगर वो दिन लौट कर नही आते ।।

ख़ामोश चेहरे पर हज़ारों पहरे होते हैं,
हंसती आँखों में भी ज़ख्म गहरे होते हैं।

संभव नहीं है आपको शब्दों में ढालना…
आप वसअत-ए-सुख़न से बढ़कर हसीन हैं

हमारे हाथों में कोई बख़्त लिखा
ही नहीं है
हम जैसे लोग सिर्फ़ आज़माइश
के लिए पैदा हुए हैं

याँक कर देखा जब ख़ुद में
जज़्बातों की लाशें पड़ी थीं मुझ में!

इंसान तारों को तब देखता है
जब ज़मी पर कुछ खो देता है।

2 Line Sad Shayari for Boys

बदल जाते हैं वह लोग वक्त की तरह,
जिन्हे हद से ज्यादा वक्त दिया जाता है..!

आज उसने दर्द दिया तो
याद आया हां हमने भी
दुआओं में उसके तमाम दर्द
मांगें थे.!

मैं तबाह हूं तेरे इश्क़ में,
तुझे दूसरे का ख्याल है।
कुछ मेरे मसले पर भी गौर दे,
मेरी तो ज़िंदगी का सवाल है।

कुछ अजीब सा चल रहा है,
ये वक्त का सफर,
एक गहरी सी खामोशी है
खुद के ही अंदर !!

आज परेशान हूँ तो कल सुकून भी आयेगा,
खुदा तो मेरा भी है आख़िर कब तक सताएगा।

क्यों ना बेफिक्र होके अब सोया जाए,
अरे बचा ही क्या है जिसे अब खोया जाए !!

कल भी मुसाफ़िर था,
आज भी मुसाफ़िर हूं,
कल अपनो की तलाश में था,
आज अपनी तलाश में हूं।

अब जो होना है, हो जाए…
बहस अब होती नही…
जो समझेगा पास रहेगा…
जिद करने की ख्वाहिश जगती नही।।

इतने बुरे तो नही थे हम,
जितना इल्ज़ाम लगाया लोगों ने,
कुछ किस्मत खराब थी,
कुछ आग लगाई लोगों ने।

मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही,
पहले तुझे पाने की अब तुझे भुलाने की..!

Sad Shayari for Boys in Hindi

ज़िंदगी की दौड़ में तजुर्बा
कच्चा ही रह गया,
हम सीख ना पाए फरेब
और दिल बच्चा ही रह गया।

यादें पागल कर देती हैं,
बातें पागल कर देती हैं,
दिन तो खैर गुज़र जाता है,
रातें पागल कर देती हैं।।

तेरे बगैर तन्हाई में जीने की जब भी बात आई,
ख़ुदा कसम तेरी हर वो मुलाक़ात याद आई।

हम टूटे हुए लोग यूं ही नही मुस्कुराते,
हम ग़मों से छीनकर लाते हैं ख़ुशी अपनी।।

हो सके तो दूर रहो मुझसे,
टूटा हुआ हूँ चुभ जाऊंगा.!

क्या फर्क पड़ता है
असल में हम कैसे हैं,
जिसने जैसी सोच बना ली
उसके लिए हम वैसे हैं।

बुरा नहीं हूं मैं
मेरी भी कुछ कहानी है,
ये जो बदला बदला सा लगता हूं,
अपनो की ही मेहरबानी है।

तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है,
मै लाख मुस्कुराऊं आंखों में नमी सी रहती है।

तुमको पाने के लिए सब कुछ छोड़ दिया,
और तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हे भी!

तुम मेरे हो कितना यकीन था मुझे, झूठ था,
मगर कितना हसीन था।

Maa Shayari >


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *