Dard Bhari Shayari
Dard Bhari Shayari: जिंदगी में कभी-कभी ऐसे पल आते हैं, जब दिल बहुत दुखी होता है। किसी अपने का दूर हो जाना, टूटे हुए रिश्ते या अधूरी ख्वाहिशें—ये सब दिल में गहरा दर्द छोड़ जाते हैं। ऐसे में Dard Bhari Shayari हमारे जज़्बातों को शब्दों में ढालने का एक खूबसूरत तरीका बन जाती है।
सिर्फ दर्द को दिखाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह दिल को हल्का करने का एक जरिया भी है। जब हम अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालते हैं, तो अंदर का बोझ थोड़ा कम हो जाता है।
अगर आप भी अपने दिल का दर्द बयां करना चाहते हैं, तो dard bhari shayari आपके लिए एक बेहतरीन माध्यम है। 💔
Dard Bhari Shayari

आदत बदल सी गई है
वक्त काटने की,
हिम्मत ही नही होती अपना दर्द
बांटने की।

एक आँसू भी गिरता है तो
लोग हजार सवाल पूछते हैं,
ऐ बचपन लौट आ
मुझे खुल कर रोना है।

जो चोट जिंदगी देती है
उस नासूर की दवा क्या है,
इतनी सजा दी मेरे मौला
आखिर मेरी खता क्या है !

अंदर के हादसों पे किसी
की नजर नहीं,
हम मर चुके हैं और हमें
इस की खबर नही।

मैं ढूंढता हूं खुद में
खुद ही को,
शायद मैं वो नही जो
हुआ करता था।

इस पार हूं या उस पार हूं,
संभला हुआ हूं या तार तार हूं,
कुछ भी कहा नही जा सकता,
किसी काम का हूं या बेकार हूं।

ना जाने कैसे इम्तिहान ले रही है
जिंदगी आजकल,
मुकद्दर, मोहब्बत और दोस्त
तीनों नाराज रहते हैं।

आँखें बहुत कुछ कहती हैं
बस कोई समझता ही नही।

बिना आवाज के रोना,
रोने से भी ज्यादा दर्द देता है।

दिल परेशान रहता है
उनके लिए
हम कुछ नही हैं जिनके
लिए।
Dard Bhari Shayari Status
टूट जायेगी तुम्हारी
जिद की आदत भी उस दिन,
जब पता चलेगा की याद करने
वाला अब याद बन गया!
तुम पर भी यकीन है और
मौत पर भी एतबार है,
देखते हैं पहले कौन मिलता है
हमें दोनों का इंतजार है।
ना आंसूओं से छलकते हैं
ना काग़ज़ पर उतरते हैं,
दर्द कुछ होते हैं ऐसे जो बस
भीतर ही भीतर पलते हैं…
ना मेरा दिल बुरा था
ना उसमे कोई बुराई थी
बस नसीब का खेल है,
क्योंकि किस्मत में जुदाई थी।।
अपना बनाकर फिर कुछ दिन में
बेगाना बना दिया,
भर गया दिल हमसे तो मजबूरी
का बहाना बना दिया।
मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी
हुई हर एक निशानी,
अब चाहे वो दिल का दर्द हो या
आँखों का पानी..!!
अगर खुदा ने पूछा तो कह देंगे,
हुई थी मोहब्बत,
मगर जिससे हुई हम उसके
काबिल न थे,,,
इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।
आधा ख्वाब, आधा इश्क़, आधी
सी है बंदगी,
मेरे हो…पर मेरे नही.. कैसी है
ये जिंदगी…
दुआ करना दम भी उसी
दिन निकले,
जिस दिन तेरे दिल से हम
निकले!
Zindagi dard Bhari Shayari
जहर की भी ज़रूरत नही पड़ी
हमे मारने के लिए, तुम्हारे ऐसे
बर्ताव ने ही हमें मार डाला!
अदाएं कातिल होती हैं
आँखें नशीली होती हैं,
मोहब्बत में अक्सर होंठ सूखे होते हैं
और आँखे गीली होती हैं।
आँसू भी आते हैं और
दर्द भी छुपाना पड़ता है
ये जिंदगी है साहब यहां
जबरदस्ती भी मुस्कुराना पड़ता है।
जरा सी गलतफहमी पर
न छोड़ो किसी अपने का दामन
क्योंकि जिंदगी बीत जाती है
किसी को अपना बनाने में!
खुद ही रोए और खुद ही
चुप हो गए,
ये सोचकर की कोई अपना
होता तो रोने ना देता!!
इतना रोया मेरी मौत पर मुझे
जगाने के लिए
मैं मरता ही क्यों अगर वह रो
देता मुझे पाने के लिए!
ज़ख्म तो आज भी ताज़ा है,
बस वो निशान चला गया
इश्क तो आज भी बेपनाह है,
बस वो इंसान चला गया।
बहुत जुदा है औरों से मेरे दर्द
की कहानी,
ज़ख्म का कोई निशान नहीं
और दर्द की कोई इंतहा नही।
मेरे तो दर्द भी औरों के
काम आते हैं,
मैं रो पहूँ तो कई लोग
मुस्कुराते हैं..!!
ना शौक दीदार का
ना फ़िक्र जुदाई की
बड़े खुश नसीब हैं वो लोग
जो महोबत नहीं करते!
छोड़कर जाने वाली दर्द भरी शायरी
दर्द मुझको ढूंढ लेता है रोज
नए बहाने से…
वो हो गया है वाकिफ मेरे
हर ठिकाने से…
पलकों में आंसू और, दिल में
दर्द सोया है।
हंसने वालों को क्या पता?
रोने वाला किस कदर रोया है।
जाने वालों को क्या पता,
यादों का बोझ कितना भारी होता है.!!
साथ मांगा मिला नही,
खुशी मांगी मिली नही,
प्यार मांगा किस्मत में था नही,
और दर्द बिन मांगे ही मिल गया।
उसने दर्द इतना दिया कि सहा ना गया,
उसकी आदत सी थी इसलिए रहा न गया,
आज भी रोती हूं उसे दूर देख के,
लेकिन दर्द देने वाले से यह कहा ना गया.
सौ दर्द छिपे हैं सीने में,
मगर अलग ही मजा है हँस के जीने में..!!
दर्द को मुस्कुराकर
सहना क्या सीख लिया,
सबने समझ लिया कि
मुझे तकलीफ नही होती।
काश कोई ऐसा हो जो
गले लगा कर कहे,
तेरे दर्द से मुझे भी
तकलीफ होती है।
सोचूं तो सारी उम्र
मोहब्बत में कट गई,
देखूं तो एक शख्स भी
मेरा ना हुआ।
कभी बेपनाह बरसी तो
कभी गुम सी है,
ये बारिश भी कुछ कुछ
तुम सी है।
दर्द भरी शायरी हिंदी में
सोचा ही नहीं था, जिंदगी में
ऐसे भी फसाने होंगे,
रोना भी ज़रूरी होगा, और
आंसू भी छिपाने होंगे।
कमाल की मोहब्बत थी
उसको हमसे,
अचानक ही शुरू हुई,
और बिन बताए ही खत्म।
शिकवा
करूं भी तो किससे?
दर्द भी मेरा है, और दर्द देने
वाला भी मेरा है।
मेरी खामोशी में सन्नाटा
भी है, शोर भी है,
तूने देखा ही नही… आँखों में
कुछ और भी है।
खुशियों का ना मुझे मर्ज दो,
दर्द पसंद है मुझे दर्द दो।
खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी,
प्यार की मोहताज है मेरी जिंदगी,
हँस लेता हूं लोगों को दिखाने के लिए
वरना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी।
दिल टूटा है मेरा और
ख्वाब बिखर गए,
दर्द मिला इतना की जख्मों
से हम निखर गए।
हम वो कश्ती हैं जिसका
कोई किनारा ना हुआ,
हम सबके हुए मगर कोई
हमारा ना हुआ।
बहुत जुदा है औरों से
मेरे दर्द की कहानी
ज़ख्म का कोई निशां नही
और दर्द की कोई इंतहा नही।
ज़ख्म आज भी ताजा है
पर वो निशान चला गया,
मोहब्बत तो आज भी बेपनाह है
पर वो इंसान चला गया।