Alfaaz Shayari Image
Alfaaz Shayari Image: आज के डिजिटल दौर में लोग अपनी भावनाओं को सिर्फ शब्दों से ही नहीं, बल्कि तस्वीरों के जरिए भी व्यक्त करना पसंद करते हैं। Alfaaz Shayari Image इसी का एक शानदार उदाहरण है, जहाँ खूबसूरत अल्फाज़ और आकर्षक इमेज मिलकर दिल की बात को और भी खास बना देते हैं।
Alfaaz Shayari Image

रहने दिया ना उसमे किसी काम का मुझे,
और खाक में भी मुझको मिलाकर नही गया।

हर नजर से बचकर वो मुझपे नजर रखता है,
एक शख्स है जो मेरी हर खबर रखता है।

रोज अच्छे नही लगते आँसू
खास मौकों पे मजा देते हैं।

मैंने उसे प्यार किया है मिल्कियत का दावा नही,
वो जिसके भी साथ है मै उसको भी अपना मानता हूं!

जानता हूं के तुझे साथ तो रखते हैं कई,
पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई.?

हाल ये है कि अपनी हालात पर,
गौर करने से बच रहा हूं मै।

रोज. कहता हूं कि अब उन को न देखूंगा कभी,
रोज. उस गली में इक काम निकल आता है।

मैं मुद्दतों जिया हूं किसी दोस्त के बगैर,
अब तुम भी साथ छोडने को कह रहे हो खैर..

रंग उड़ने लगा है फूलों का,
अब तो आ जाओ! वक्त नाजुक है..

सभी से राज कह देता हूं अपने
न जाने क्या छुपाना चाहता हूं!
दिल के अलफ़ाज़ स्टेटस शायरी
तुम्हारा हाथ छूटने के बाद बडे.
हल्के से पकडता हूं अब मै सबकुछ.!
बहुत मजबूत हूं मै ये पूरी दुनिया जानती है,
बहुत कमजोर हूं मै ये सिर्फ तुम जानती हो.!
सबकुछ मिट जायेगा यादों के सिवा,,
तो कुछ लम्हे जी लिए जाएं याद बनने से पहले।
काश तुम कभी सोच पाते,
हम क्या सोचते हैं.!
दिल अब पहले सा मान्सूम नही रहा,
पत्थर तो नही बना पर मोम भी नही रहा..
इश्क. की किताब का उसूल है जनाब
मुडक़र देखोगे तो मोहब्ब्त मानी जायेगी।
जिस कदर जिसकी कदर की,
उस कदर बेकदर हुए हैं हम !!
बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर क्योंकि
मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है।
मिले तो हजारों लोग थे जिन्दगी में,
वो सबसे अलग था जो किस्मत में नही था।
खाली वक्त में कभी याद आऊं
समझ लेना तुम्हारे अंदर कहीं जिंदा हूं मै!
अधूरे अल्फ़ाज़ शायरी
इश्क का सफर खत्म ही समझिए,
उनकी बातों से अब जुदाई की महक आने लगी है ।
बहुत भीड. है लोगों के दिलों में,
इसलिए हम अकेले ही रहते हैं.!
अपने कई हैं,
मगर अपना कोई नहीं.!
बिछड, के तुझसे किसी दूसरे पे मरना है,
ये तजुबी भी इसी जिन्दगी में करना है।
अंजाम ने दुख दिया है,
वरना यादें तो प्यारी हैं..!
जिन्दगी तो सबके पास है,
पर हर कोई जिंदा थोडी है..!
मां फिर से चुप कराओ ना,
तेरा बेटा अब अंदर से रोता है.!
कुछ इस तरह तेरे मेरे रिश्ते ने आखिरी सांस ली,
न मैंने पलट कर देखा न तुमने आवाज दी।
सवाल ये नही की दर्द कितना है,
बात ये है कि परवाह किसे है.!
शर्तें लगाई जाती नही दोस्ती के साथ,
कीजिए मुझे कुबूल मेरी हर कमी के साथ!
अनकहे अलफ़ाज़ शायरी इमेज
पता चला कि एक दिन मरना ही है,
तब जाकर जीना शुरू किया !
कहां चराग जलाएं, कहां गुलाब रखें,
छतें तो मिलती हैं, लेकिन मकां नही मिलता..
आजतक दिया नही तुमने मुझे फरेब
पर ये भी सच है तुम कभी मेरे नही रहे !
सैर कर दुनिया की गालिब जिंदगानी फिर कहां,
जिंदगी अगर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहां!
सिर्फ. जिंदा रहने को जिन्दगी नही कहते,
कुछ गम-ए-मोहब्बत तो कुछ गम-ए-जहां यारों!
बदला हुआ कहता है वो मुझे,
जो खुद पहले जैसा नही रहा!
हमारा दिल तो हमेशा से इक जगह पर है,
तुम्हारा दर्द ही रस्ता भटक गया होगा !
अब तो बस, दिल में यादें..
और फोन में नंबर रह गए हैं.!
माना कि तुम गुफ्तगू के फन में माहिर हो पर,
वफा के लफ्ज पर अटको तो हमे याद कर लेना
इतना बदनाम भी बीमार ना हो,
मौत आने ही को तैयार न हो..
Alfaaz Shayari In Hindi
अंधेरे में भी एक दुनिया है आबाद
आंखों को अपनी बंद करके तो देखो!
भरी है जो दिल में हसरत कहूं तो किससे कहूं,
सुने है कौन मुसीबत कहूं तो किससे कहूं
मै बोलता हूं तो इल्जाम है बगावत का,
मैं चुप रहूं तो बड़ी बेबसी सी होती है।
हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है,
वजह कोई मजबूरी भी हो सकती है।
हाथ उठते हुए उनके न कोई देखेगा
किस के आने की करेंगे वो दुआ मेरे बाद!
तुम्हारे दिल की चुभन भी जरूर कम होगी,
किसी के पांव से कांटा निकालकर देखो।
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा,
इतना मत चाहो उसे वो बेवफा हो जाएगा।
हम लबों से कह ना पाए उनसे हाल ए दिल कभी
और वो समझे नही ये खामोशी क्या चीज है।
तुम्हारी याद के जब जख्म भरने लगते हैं,
किसी बहाने तुम्हे याद करने लगते हैं।
वो थे न मुझसे दूर न मै उनसे दूर था,
आता न था नजर तो नजर का कुसूर था!