Alone Shayari: जिंदगी में कभी-कभी ऐसा वक्त आता है जब हम खुद को बिल्कुल अकेला महसूस करते हैं। आस-पास लोग होते हुए भी दिल में एक खालीपन सा लगता है। ऐसे पलों में Alone Shayari हमारे जज़्बातों को शब्दों में ढालने का एक खूबसूरत तरीका बन जाती है।
सिर्फ उदासी को दिखाने का तरीका नहीं है, बल्कि यह दिल को हल्का करने का एक जरिया भी है। जब हम अपने जज़्बातों को लिखते हैं, तो तन्हाई का दर्द थोड़ा कम महसूस होता है।
अगर आप भी अकेलापन महसूस कर रहे हैं, तो अपने दिल की बात को शायरी के जरिए जरूर बयां करें। 💔
Alone Shayari

कितनी अजीब है इस शहर
की तन्हाई भी,
हजारो लोग है मगर कोई
उस जैसा नहीं है!

तू उदास मत हुआ कर इन
हजारो के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है
सितारों के बिच.

अधूरे चांद से फरियाद तो
करता होगा,
वो मुझे ज्यादा नहीं पर याद
तो करता होगा!

मुझको मेरी तन्हाई से अब
शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ, मुझे खुद से भी
मोहब्बत नहीं है!

हर वक़्त का हँसना तुझे
बबर्बाद ना कर दे,
तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी
लिया कर!

तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा
तो हूँ लेकिन,
तसल्ली बस इतनी सी है
अब कोई फरेब साथ नहीं!

पहले तुम साथ थे तो चलते थे मेरे पैर,
अब तन्हा होकर तो बस लड़खड़ाते है!

अकेला रोता छोड़ गया वो
इंसान भी मुझे,
जो कल तक कहता था
रोना मत तुम्हे मेरी कसम !

अकेली हूँ पर मुस्कुराती बहुत हूँ,
खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहीं हूँ!

मुझको मेरे अकेलेपन से
अब शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी
मुहब्बत नहीं है!
Alone Shayari 2 Lines in Hindi
वो समझ न पाए मेरे जज़्बात,
मैं सहती रही हर दिन हर रात ।
चुपचाप सहते हैं हर एक वार,
अकेलापन हीं बन गया है यार।
जिंदगी ने हर मोड़ पर मुझे आज़माया है,
अपनों ने हीं अक्सर दिल दुखाया है।
वो पास होकर भी दूर हो गए,
हम अपने हीं दिल से मजबूर हो गए।
जिस पर गुज़री हो वही जानता है,
और ये दिल तसल्ली से कहाँ मानता है।
जिनकी मोहब्बत सच्ची होती है,
उनके नसीब में दर्द ही लिखा होता है..!!
आँख का पानी और दिल की कहानी,
हर किसी को समझ नहीं आती..!!
जिनसे दिल लगाया था,
वही दर्द दे गए।
ज़िंदगी के सफर में अकेले रह गए,
जो हमें अपना कहते थे, वही पराये हो गए।
तू उदास मत हुआ कर इन हजारों के बीच,
आखिर चाँद भी अकेला रहता है सितारों के बीच..!
Alone Shayari for Girls
मैं हूँ दिल है, तन्हाई है
तुम भी होते तो अच्छा होता।
अकेले आने और अकेले जाने के बीच,
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है!
अकेले आने और अकेले जाने के बीच,
अकेले जीना सीखना ही जिंदगी है!
ये दुनिया कहने को तो अपनों का मेला है,
ध्यान से देखो तो यहाँ हर शख्स अकेला है।
पता है हमारी सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है,
यही कि हमें लगता है सब अपने ही हैं!
हर रात गुजरती है मेरी तारों के दरमियाँ,
मैं चाँद तो नहीं मगर तन्हा जरूर हूँ!
इंसान सिर्फ एक कारण से अकेला पड़ जाता हैं,
जब उसके अपने ही उसे गलत समझने लगते हैं!
चाहे जितना भी किसी को अपना बना लो,
वो एक दिन आपको गैर महसूस करा ही देते हैं!
अकेलेपन का दर्द भी अजीब होता है,
दर्द तो होता है लेकिन दर्द के
आँसू आँखों से बाहर नहीं आते!
ख्वाहिशों की पोटली सिर लिए चल रहा हूँ,
मैं अकेला ही अपनी मंज़िल की और चल रहा हूँ!
अलोन शायरी हिंदी में
अकेले ही सहना अकेले ही रहना होता है,
अकेलेपन का हर एक आँसू अकेले ही पीना होता है!
अनजान से रास्तों पर अकेली
जा रही हूं तेरी
मोहब्बत में पागल होकर दर-दर
की ठोकरें खा रही हूं!
तन्हाई में चलते चलते अब पैर
लडखडा रहे हैं,
कभी साथ चलता था कोई अब
अकेले चलें जा रहे हैं!
मैं जो हूँ मुझे रहने दे, हवा के जैसे बहने दे,
तन्हा सा मुसाफिर हूँ मुझे तन्हा ही तू रहने दे!
हुआ है तुझसे बिछड़ने के बाद ये मालूम,
कि तू नहीं था तेरे साथ एक दुनिया थी!
तेरी कसम तुझे इतना टूट कर चाहा था कि,
अब भी किसी और को चाहने की चाहत नहीं है!
हाँ सीख नहीं पाए हम मीठे झूठ का हुनर,
कड़वे सच ने कई रिश्ते छीन लिए हमसे !
लौटते वो है जो रूठकर चले जाते हैं,
टूटकर जाने वाले लौटा नहीं करते !
होती जो अगर कोई कीमत तुम्हें पाने की,
खुद को बेच देता लेकिन तुझे नहीं खोता!
वक्त की तरह निकल गया वो,
नजदीक से भी और तकदीर से भी!
Alone Shayari in Hindi
हजारों महफिलें हैं
और लाखों मेले है,
पर जहाँ तुम नही वहां हम
अकेले हैं।
जिन से खत्म हो जाती हैं उम्मीदें,
उनसे फिर शिकायत नही रहती।
जैसे कोई बच्चा
रोते रोते थककर सो जाता है,
हमारे दिल का हाल अक्सर कुछ
ऐसा ही हो जाता है।
एक वो था बदल गया,
एक मैं था बिखर गया,
एक वक्त था गुजर गया।
कुछ कर गुजरने की चाह में
कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम
जहाँ-जहाँ से गुजरे..!!
उदास तो बहुत रहे
मगर कभी जाहिर नही किया,
ठीक हूं, बस इस लफ्ज़ ने
सब संभाल लिया।
टूटे हुए काँच की तरह
चकनाचूर हो गए,
किसी को चुभ न जाएं
इसलिए दूर हो गए।
आदत बदल गई है
वक्त काटने की,
हिम्मत ही नही होती
दर्द बांटने की।
तन्हाई रही साथ ता-जिंदगी मेरे,
शिकवा नहीं कि कोई साथ न रहा..!!
मुझको मेरी तन्हाई से अब
शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी
मोहब्बत नहीं है..!!
