Kumar Vishwas Shayari: कुमार विश्वास आज के समय के सबसे लोकप्रिय कवियों और शायरों में से एक हैं। उनकी शायरी सीधे दिल तक पहुँचती है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती है। उनकी खासियत यह है कि वे कठिन भावनाओं को भी बहुत सरल शब्दों में व्यक्त करते हैं।
कुमार विश्वास की प्रेम शायरी खास तौर पर युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। उनकी पंक्तियाँ अक्सर दिल की उन बातों को कह देती हैं, जिन्हें हम शब्दों में नहीं कह पाते। उदाहरण के लिए, उनकी शायरी में प्यार की गहराई, बिछड़ने का दर्द और यादों की मिठास बहुत खूबसूरती से दिखती है।
Kumar Vishwas Shayari

मै तुझसे दूर कैसा हूँ,
तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है,
या मेरा दिल समझता है।

जिंदगी से लड़ा हूँ तुम्हारे बिना,
हाशिए पर पड़ा हूँ तुम्हारे बिना,
तुम गई छोड़कर, जिस जगह मोड़ पर
मैं वहीं पर खड़ा हूँ तुम्हारे बिना.!

चारों तरफ़ बिखर गईं साँसों की खुशबुएँ,
राह-ए-वफ़ा में आप जहाँ भी जिधर गए!

जब भी मुँह ढंक लेता हूँ,
तेरे जुल्फों की छाँव में
कितने गीत उतर आते हैं,
मेरे मन के गाँव में…!

हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है,
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है,
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है !!
Kumar Vishwas Shayari Famous
ना पाने की खुशी है कुछ,
ना खोने का ही कुछ गम है,
ये दौलत और शोहरत सिर्फ,
कुछ ज़ख्मों का मरहम है!
मेरी अब राह मत तकना कभी
ए आसमां वालो
मैं इक चिड़िया की आँखों में,
उड़ाने भूल आया हूँ!
कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ,
किसी की इक तरनुम में, तराने भूल आया हूँ!
अभी तक डूब कर सुनते थे
सब किस्सा मोहब्बत
का मैं किस्से को हकीकत में
बदल बैठा तो हंगामा!
भ्रमर कोई कुमुदनी पर मचल बैठा तो हंगामा,
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!
बिछुड़ के तुम से अब कैसे,
जिया जाये बिना तडपे
जो मैं खुद ही नहीं समझा,
वही समझा रहा हु मैं!
मेरा जो भी तर्जुबा है,
तुम्हे बतला रहा हूँ
मैं कोई लब छु गया था तब,
की अब तक गा रहा हूँ मैं!
रिश्ते खून से ही नहीं, एहसास से भी बनते हैं,
कुछ लोग अजनबी होकर भी अपने लगते हैं !!
कभी रूठ जाओ तो मना लेंगे,
कभी थक जाओ तो संभाल लेंगे,
बस यूँ ही साथ निभाना तुम
हम हर हाल में तुमसे प्यार कर लेंगे !!
छू गया जब कभी खयाल तेरा
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा
कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया था घर में
और घर देर तक महकता रहा !!
कुमार विश्वास शायरी हिंदी
तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ,
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ !!
तेरे बिना भी तुझे चाहना आ गया,
हर अधूरे ख्वाब को निभाना आ गया,
इश्क़ ने इतना सादा बना दिया मुझे
कि दर्द को भी मुस्कुरा कर सहना आ गया !!
रिश्ते वही अच्छे जो दिल से निभाए जाएँ,
न कि मतलब के वक्त काम आएँ,
कुमार विश्वास के लफ़्ज़ों में बस इतना कह दूँ,
सच्चे रिश्ते तो वक़्त की कसौटी पे भी मुस्कुराएँ !!
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझाता है,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है,
मै तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है,
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
चल पड़े हैं तो मंज़िल मिल ही जाएगी,
रास्तों की धूल भी एक दिन चमक जाएगी,
थक कर बैठना नहीं, बस बढ़ते जाना है,
कदमों की लय ही तेरी पहचान बन जाएगी !!
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